वित्तीय पूर्वानुमान मॉडल बनाएँ

डेटा जुटाने से लेकर मॉडल की जाँच, उसे इस्तेमाल करने और उसके प्रदर्शन पर नज़र रखने तक, हर चरण को समझें।

डेटा जुटाने से लेकर मॉडल वैलिडेशन तक, पूर्वानुमान की प्रक्रिया के आपस में जुड़े चरण

डेटा से शुरुआत करें

दोहराई जा सकने वाली प्रक्रिया से आप बाज़ार के अनुमान को परख सकते हैं और उसकी गलतियों से सीख सकते हैं।

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डेटा जुटाएँ

पुरानी कीमतों और ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ आर्थिक संकेतक और वैकल्पिक डेटा जुटाएँ। Bloomberg, Refinitiv और St. Louis Fed (FRED) जैसे स्रोत डेटा जुटाने के लिए API उपलब्ध कराते हैं।

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डेटा तैयार करें

गायब मानों को संभालें और आउटलायर बदलने से पहले उनकी जाँच करें। डेटा की गलतियाँ सुधारें, लेकिन वास्तविक चरम घटनाओं को अपने आप न हटाएँ। स्केलिंग और डेटा से सीखने वाली दूसरी प्रीप्रोसेसिंग केवल ट्रेनिंग डेटा पर फिट करें।

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काम के वेरिएबल चुनें

लक्ष्य का अनुमान लगाने में मदद करने वाले वेरिएबल चुनें, जैसे RSI, MACD या पिछले समय के आर्थिक संकेतक। सिर्फ़ वही जानकारी इस्तेमाल करें जो पूर्वानुमान की तारीख पर उपलब्ध थी। आर्थिक डेटा के पहली बार जारी होने की तारीख और बाद के संशोधनों का भी ध्यान रखें।

चरण 4: मॉडल चुनें और ट्रेन करें

अपने डेटा के मुताबिक मॉडल चुनने के लिए तरीकों का परिचय देखें। लीनियर रिग्रेशन मॉडल रैखिक संबंधों को समझाने में मदद कर सकते हैं। ज़्यादा जटिल, गैर-रैखिक व्यवहार के लिए रैंडम फ़ॉरेस्ट या LSTM (लॉन्ग शॉर्ट-टर्म मेमोरी) न्यूरल नेटवर्क पर विचार करें।

एक सरल बेसलाइन मॉडल से शुरुआत करें। मॉडल को जटिल तभी बनाएँ, जब इससे ऐसे डेटा पर उसका प्रदर्शन काफ़ी बेहतर हो जिसे उसने ट्रेनिंग के दौरान नहीं देखा था।

चरण 5: बैकटेस्टिंग और वैलिडेशन करें

मॉडल को बाद की अवधि के ऐसे डेटा पर जाँचें जो उसने ट्रेनिंग में नहीं देखा हो। बैकटेस्टिंग में हर ऐतिहासिक समय पर उपलब्ध जानकारी से पूर्वानुमान लगाने का अभ्यास किया जाता है। फ़ीचर चुनने और प्रीप्रोसेसिंग में भविष्य के डेटा का इस्तेमाल न करें।

पूर्वानुमान की सटीकता जाँचने के लिए उसकी त्रुटियों की तुलना एक सरल बेसलाइन से करें। इसके लिए मीन एब्सोल्यूट एरर (MAE) या रूट मीन स्क्वेयर्ड एरर (RMSE) जैसे माप इस्तेमाल किए जा सकते हैं। ट्रेडिंग के नतीजे लागत और ट्रेड के अमल पर भी निर्भर करते हैं।

  • वॉक-फ़ॉरवर्ड वैलिडेशन में एक समयावधि के डेटा पर मॉडल को ट्रेन किया जाता है और अगली अवधि पर परखा जाता है। फिर इस समयावधि को आगे खिसकाया जाता है।
  • शार्प रेशियो विश्लेषण में जोखिम को ध्यान में रखकर रिटर्न मापा जाता है, ताकि पूर्वानुमान पर आधारित ट्रेडिंग के नतीजों का आकलन हो सके।
  • ड्रॉडाउन पिछले उच्चतम स्तर से गिरावट को मापता है। पुराने ड्रॉडाउन पिछले नुकसान दिखाते हैं, भविष्य में हो सकने वाला सबसे बड़ा नुकसान नहीं।

पूर्वानुमान के टूल

श्रेणीउदाहरणकिस काम में मदद करते हैं
प्रोग्रामिंगPython, R, Juliaडेटा साइंस और स्टैटिस्टिकल मॉडलिंग।
लाइब्रेरीpandas, scikit-learn, TensorFlowडेटा तैयार करने और मशीन लर्निंग मॉडल बनाने में।
डेटा विज़ुअलाइज़ेशनTableau, Power BI, Plotlyपूर्वानुमान इस्तेमाल करने वाले लोगों को उसके नतीजे समझाने में।
क्लाउडAWS, Azure, Google Cloudबड़े सिमुलेशन चलाने और डेटा को रियल टाइम में प्रोसेस करने में।

प्रदर्शन की जाँच जारी रखें

अपने वित्तीय अनुमानों की तुलना वास्तविक नतीजों से लगातार करते रहें। बाज़ार बदलने पर मॉडल ड्रिफ़्ट की वजह से सटीकता घट सकती है।

अगर गलतियाँ बढ़ती जाएँ, तो अपने वेरिएबल की समीक्षा करें या मॉडल को दोबारा ट्रेन करें। अनुमान के साथ-साथ डेटा की गुणवत्ता भी जाँचते रहें।

आर्थिक संकेतकों और पूर्वानुमान में इस्तेमाल होने वाले दूसरे इनपुट के बारे में हमारे बाज़ार पेज पर पढ़ें।

अगला कदम चुनें

बुनियादी बातें दोहराने के लिए हमारा होम पेजदेखें, या अपने मॉडल के लिए तरीका चुनने से पहले पूर्वानुमान के अलग-अलग तरीकों की तुलना करें।

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